
Arthashastra
कौटिल्य का अर्थशास्त्र कोई साधारण ऐतिहासिक दस्तावेज़ नहीं है। यह प्राचीन भारत का वह दुर्लभ ग्रंथ है जो सदियों बाद भी उतनी ही तीव्रता से बोलता है। राजनीति, अर्थव्यवस्था और सैन्य चिंतन को एक साथ समेटने वाला यह पाठ आज के पाठक को भी चकित कर देता है। शासन की कला को कौटिल्य ने जिस बारीकी से समझाया है, वह उल्लेखनीय है। कर-नीति, व्यापार के सिद्धांत और धन-प्रबंधन पर उनके विचार इतने व्यावहारिक हैं कि आधुनिक नीति-निर्माता भी इनसे प्रेरणा ले सकते हैं। कूटनीति और युद्ध-रणनीति पर उनकी स्पष्टता तो और भी प्रभावशाली है। यह पुस्तक नेतृत्व में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए उपयोगी है। छोटे-छोटे सिद्धांत, गहरी सोच। समकालीन राजनीति और रणनीतिक विचार-विमर्श में इसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। अगर आप शासन और रणनीति की जड़ों को समझना चाहते हैं, तो यह ग्रंथ आपकी सूची में होना चाहिए।
- Author: Kautilya
- Publisher: Fingerprint! Publishing
- Genre: Historical Fiction
- ISBN: 978-9362146694
- Pages: 496 pages
