
Bose (Hindi)/Subhash Babu/सुभाष बाबू: Ek Asahaj Karnewale Rashtrawadi Ki Ankahi Kahani/एक असहज करनेवाले राष्ट्रवादी की अनकही कहानी
अधिकांश लोग सुभाष चंद्र बोस को गांधी से उनके वैचारिक टकराव और जर्मनी व जापान के सहयोग से भारत की स्वतंत्रता के उनके साहसिक प्रयासों के संदर्भ में जानते हैं। लेकिन यह पुस्तक उस परिचित तस्वीर से कहीं आगे जाती है। नई जानकारियाँ अब यह प्रकट कर रही हैं कि बोस के देशभर के क्रांतिकारियों से क्या गहरे और जटिल रिश्ते थे, अध्यात्म से उनका कैसा अनोखा जुड़ाव था, और गुप्त अभियानों में उनकी कितनी गहरी दिलचस्पी थी। ब्रिटिश भारतीय सेना में विद्रोह की चिंगारी भड़काने की उनकी कोशिशें भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं। क्या बोस सच में नाजी विचारधारा के प्रति सहानुभूति रखते थे? और आखिर किस वजह से उन्होंने अपनी राजनीतिक साख को जोखिम में डाला? ये सवाल उतने सीधे नहीं हैं जितने लगते हैं। चंद्रचूड़ घोष की यह किताब इन्हीं उलझे हुए सवालों को बड़ी बारीकी और ईमानदारी से सुलझाने की कोशिश करती है, और पाठक को एक ऐसे नेता से रूबरू कराती है जो इतिहास की किसी एक परिभाषा में समाता नहीं।
- Author: Chandrachur Ghose/चंद्रचूड़ घोष
- Publisher: Hind Pocket Books
- Genre: Journalism & Media Studies
- ISBN: 978-0143458777
- Pages: 730 pages
