
Rich Dad Poor Dad - 20Th Anniversary Edition - Hindi
रॉबर्ट कियोसाकी की यह किताब व्यक्तिगत वित्त की दुनिया में एक अलग ही नज़रिया पेश करती है। यह उस पुरानी सोच को सीधे चुनौती देती है जिसमें माना जाता है कि बड़ी तनख्वाह ही आर्थिक सुरक्षा की गारंटी है। जब तकनीक और वैश्विक बाज़ार पुराने नियमों को बदल रहे हों, तो सिर्फ़ कमाई बढ़ाना काफ़ी नहीं। असली सवाल यह है कि पैसा कहाँ जा रहा है। किताब यह समझाती है कि संपत्ति बनाना क्यों ज़रूरी है और निवेशकों तथा व्यवसाय मालिकों को कर-सम्बन्धी किन फ़ायदों तक पहुँच मिलती है। एक और दिलचस्प बात जो इस किताब को अलग बनाती है, वह यह है कि यह घर को 'संपत्ति' मानने की धारणा पर सवाल उठाती है। सब-प्राइम मोर्गेज संकट ने लाखों लोगों को यह सच्चाई कड़वे अनुभव से सिखाई, लेकिन कियोसाकी ने यह बात पहले ही कह दी थी। बच्चों की वित्तीय शिक्षा पर भी किताब में ख़ास ध्यान दिया गया है। स्कूल पैसे का प्रबंधन नहीं सिखाते, और यह कमी आज के दौर में पहले से कहीं अधिक महसूस होती है। किताब माता-पिता को यह मार्गदर्शन देती है कि बच्चों को पैसे के बारे में क्या और कैसे बताएँ, ताकि वे आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रह सकें। यह 20वीं वर्षगाँठ का संस्करण नौ नए अध्ययन सत्रों के साथ आता है, जिन्हें परिवार या दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ा और चर्चा की जा सकती है। USA Today ने इसे वित्तीय भविष्य पर नियंत्रण पाने की शुरुआत बताया है, और यह बात बेवजह नहीं है।
- Author: Robert T. Kiyosaki
- Publisher: Manjul Publishing House
- Genre: Personal Development
- ISBN: 978-8186775219
- Pages: 320 pages
